सूखा गोला पवित्रता, समृद्धि और सौभाग्य का प्रतीक माना जाता है.इसका संबंध माता लक्ष्मी से है, इसलिए इसे धन और प्रचुरता को आकर्षित करने वाला माना जाता है.पूजा में उपयोग:हवन/होम: हवन कुंड की पूर्णाहूति (अंतिम प्रसाद) के समय पूरे गोले के बीच में छेद करके घी, शक्कर और पंचमेवा भरकर पवित्र धागे (मौली) से बांधा जाता है और फिर अग्नि देव को समर्पित किया जाता है.कलश स्थापना: पूजा के कलश के ऊपर नारियल के रूप में साबुत गोला रखा जाता है.प्रसाद: पूजा के बाद इस सूखे गोले को टुकड़ों में काटकर ‘पंचमेवा’ या मुख्य प्रसाद के रूप में भक्तों में बांटा जाता है.प्रतीकात्मक अर्थ: नारियल का सख्त बाहरी हिस्सा मनुष्य के अहंकार (Ego) को दर्शाता है, जबकि इसके अंदर का सफेद हिस्सा आत्मा की पवित्रता का प्रतीक है. इसे तोड़ना या अर्पित करना भगवान के चरणों में अपने अहंकार का समर्पण करना है.
Gola (सूखा गोला)
₹55.00
पूजा में ‘गोला’ का मतलब साबुत सूखा नारियल या खोपरा होता है. इसे ‘श्रीफल’ (भगवान का फल) भी कहा जाता है.
| weight | 100g |
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