सूर्य ग्रह (Sun) — अर्क या मदार की समिधाविवरण: सूर्य देव की शांति के लिए मदार (आक / आंकड़ा) की लकड़ी का उपयोग होता है।महत्व: ज्योतिष मान्यता के अनुसार, मदार की समिधा में गाय का घी मिलाकर हवन करने से शारीरिक रोग नष्ट होते हैं, मान-सम्मान में वृद्धि होती है और नेतृत्व क्षमता बढ़ती है।2. चंद्र ग्रह (Moon) — पलाश की समिधाविवरण: चंद्रमा को अनुकूल बनाने के लिए पलाश (खाखरा / टेसू) की सूखी लकड़ियों का उपयोग किया जाता है।महत्व: चंद्रमा मन का कारक है। पलाश की समिधा से हवन करने पर मानसिक तनाव और मानसिक रोग दूर होते हैं तथा मन में एकाग्रता और शांति आती है।3. मंगल ग्रह (Mars) — खदिर या खैर की समिधाविवरण: मंगल ग्रह के क्रूर प्रभावों को शांत करने के लिए खदिर (खैर) वृक्ष की लकड़ी का प्रयोग होता है।महत्व: इससे कुंडली का मंगल दोष (Mangal Dosha) शांत होता है। यह जातक के जीवन से कर्ज की समस्या, भूमि विवाद और दुर्घटनाओं के भय को कम करता है।4. बुध ग्रह (Mercury) — अपामार्ग की समिधाविवरण: बुध ग्रह की प्रसन्नता के लिए अपामार्ग (लटजीरा / चिड़चिड़ा) की वनस्पति का उपयोग किया जाता है।महत्व: बुध बुद्धि और व्यापार का स्वामी है। अपामार्ग की समिधा से हवन करने पर बौद्धिक क्षमता बढ़ती है, वाणी में मधुरता आती है और व्यापार में उन्नति होती है।5. गुरु ग्रह (Jupiter) — पिप्पल या पीपल की समिधाविवरण: देवताओं के गुरु बृहस्पति को प्रसन्न करने के लिए पवित्र पीपल के पेड़ की सूखी लकड़ियों का उपयोग किया जाता है।महत्व: गुरु की समिधा से हवन करने पर ज्ञान, भाग्य, वैवाहिक सुख और आध्यात्मिक उन्नति की प्राप्ति होती है।6. शुक्र ग्रह (Venus) — उदुंबर या गूलर की समिधाविवरण: शुक्र ग्रह के शुभ फल प्राप्त करने के लिए उदुंबर (गूलर) की समिधा का उपयोग अनिवार्य माना गया है।महत्व: शुक्र भौतिक सुख-सुविधाओं का कारक है। गूलर की लकड़ी से हवन करने पर धन, ऐश्वर्य, सौंदर्य और पारिवारिक सुख की वृद्धि होती है।7. शनि ग्रह (Saturn) — शमी की समिधाविवरण: न्याय के देवता शनि देव के प्रकोप को शांत करने के लिए शमी (छ्योकर / खिजड़ा) वृक्ष की लकड़ी का प्रयोग किया जाता है।महत्व: शमी की समिधा से किया गया हवन शनि की साढ़ेसाती, ढैय्या और कुंडली के अन्य शनि दोषों के नकारात्मक प्रभाव को नष्ट कर जीवन में स्थिरता लाता है।8. राहु ग्रह (North Node) — दूर्वा की समिधाविवरण: छाया ग्रह राहु की शांति के लिए पवित्र घास दूर्वा (दूब) का उपयोग समिधा के रूप में किया जाता है।महत्व: राहु के कारण आने वाली अचानक बाधाएं, मानसिक भ्रम और अज्ञात भय दूर्वा के हवन से दूर होते हैं। इससे जातक को दीर्घायु और आरोग्य प्राप्त होता है।9. केतु ग्रह (South Node) — कुश की समिधाविवरण: केतु ग्रह को शांत करने के लिए कुश (दर्भ) नामक पवित्र घास की समिधा बनाई जाती है।महत्व: केतु की समिधा से अनुष्ठान करने पर नकारात्मक ऊर्जा और तंत्र-बाधाएं दूर होती हैं। यह जातक को मोक्ष, वैराग्य और आध्यात्मिक ज्ञान की ओर अग्रसर करता है।
Navgrah Samidha (नवग्रह समिधा)
Original price was: ₹101.00.₹70.00Current price is: ₹70.00.
नवग्रह समिधा (हवन की पवित्र लकड़ियाँ) का उपयोग वैदिक हिंदू पूजा और हवन में नौ ग्रहों की शांति, सकारात्मक ऊर्जा और अनुकूलता प्राप्त करने के लिए किया जाता है。 गरुड़ पुराण के एक प्रसिद्ध श्लोक के अनुसार हर ग्रह के लिए एक विशिष्ट पौधे या वृक्ष की समिधा निर्धारित है:
Only logged in customers who have purchased this product may leave a review.






Reviews
There are no reviews yet.