Supari (सुपारी) – 5 pieces

20.00

देवताओं का प्रतीक: सुपारी को भगवान गणेश और माता लक्ष्मी का स्वरूप माना जाता है। पूजा में मूर्ति न होने पर सुपारी पर कलावा बांधकर उन्हें देवता के रूप में स्थापित किया जाता है।अहंकार का त्याग: सुपारी की कठोरता मनुष्य के कड़े अहंकार को दर्शाती है। इसे भगवान को अर्पित करने का अर्थ है अपने अहंकार का त्याग करना।दृढ़ संकल्प: इसका ठोस रूप आध्यात्मिक मार्ग पर हमारे मजबूत और अटूट संकल्प का प्रतीक है।

किसी भी शुभ कार्य की शुरुआत में पान के पत्ते पर सुपारी रखकर भगवान गणेश के रूप में उनकी पूजा की जाती है।नवग्रह पूजा: पूजा की चौकी पर नौ ग्रहों (नवग्रहों) का आह्वान करने के लिए अलग-अलग सुपारियों का उपयोग किया जाता है।कलश स्थापना: पवित्र कलश के जल में सिक्के के साथ एक सुपारी भी डाली जाती है, जो सकारात्मक ऊर्जा को आकर्षित करती है।दक्षिणा: पूजा संपन्न होने के बाद पुरोहित या ब्राह्मण को आदरपूर्वक दी जाने वाली दक्षिणा में सिक्के के साथ सुपारी रखना अनिवार्य माना जाता है।

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