गोरोचन को गंगाजल और केसर के साथ मिलाकर माथे पर तिलक लगाने से मन शांत होता है, एकाग्रता बढ़ती है, और समाज में मान-सम्मान व सम्मोहन (आकर्षण) शक्ति में वृद्धि होती है।यंत्र लेखन: तंत्र साधना और सामान्य पूजा में अष्टगंध और चंदन के साथ गोरोचन मिलाकर भोजपत्र पर विशेष यंत्र लिखे जाते हैं।वास्तु और नजर दोष निवारण: यदि घर या व्यापार स्थल पर नकारात्मक ऊर्जा का प्रभाव हो, तो गोरोचन के पेस्ट से दीवार पर स्वास्तिक बनाने से समस्त वास्तु दोष नष्ट होते हैं।धन और समृद्धि: सिद्ध गोरोचन को पीले रेशमी कपड़े में बांधकर तिजोरी या पूजा स्थान पर रखने से व्यापार में वृद्धि होती है और कर्ज से मुक्ति मिलती है।
Gorochan (गोरोचन)
₹30.00
गोरोचन गाय के शरीर (मुख्य रूप से गाय के पित्ताशय या पित्त) से प्राप्त होने वाला एक अत्यंत दुर्लभ और पवित्र पदार्थ है, जिसे ‘गोपित्त’ भी कहा जाता है। यह हल्की लालिमा लिए हुए पीले या गहरे भूरे रंग का होता है। ताजी अवस्था में यह मोम जैसा गाढ़ा होता है, लेकिन सूखने पर कंकड़ की तरह सख्त हो जाता है। इसमें एक विशिष्ट आध्यात्मिक सुगंध होती है।
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