यह इस अंतिम सत्य का प्रतीक है कि भौतिक संसार की हर वस्तु अंततः राख में बदल जाएगी। यह भक्तों को नश्वरता और भौतिक शरीर से परे जाने की याद दिलाती है।भगवान शिव से संबंध: भगवान शिव अपने पूरे शरीर पर भस्म लगाते हैं, जो अहंकार और भौतिक ब्रह्मांड के विनाशक के रूप में उनकी भूमिका को दर्शाता है।लगाने की विधि: श्रद्धालु इसे माथे पर तीन क्षैतिज रेखाओं के रूप में लगाते हैं जिसे त्रिपुंड कहा जाता है। यह तीन दोषों के विनाश का प्रतीक है: अहंकार, पिछले कर्म और माया।लाभ: माना जाता है कि माथे पर भस्म लगाने से मन शुद्ध होता है, नकारात्मक ऊर्जा से रक्षा होती है और आज्ञा चक्र (तीसरी आंख) जाग्रत होता है।
Bhasma (भस्म )/Vibhuti( विभूति) – Bhawani shankar & sons
₹20.00
भस्म (या विभूति) पवित्र राख है जिसे यज्ञ या हवन की अग्नि में शुद्ध गाय के गोबर के कंडे, लकड़ी और अन्य पवित्र सामग्रियों को जलाकर तैयार किया जाता है।
| weight | 100g |
|---|
Only logged in customers who have purchased this product may leave a review.





Reviews
There are no reviews yet.