जौ को सृष्टि का प्रथम अन्न माना जाता है। नवरात्र के पहले दिन कलश स्थापना के समय मिट्टी के पात्र में जौ बोए जाते हैं। मान्यता है कि जौ जितनी तेजी से और अच्छी तरह उगते हैं, घर में उतनी ही सुख-समृद्धि आती है।
हवन में उपयोग: जौ का प्रयोग अक्सर हवन (यज्ञ) में ‘आहुति’ के रूप में किया जाता है। अग्नि में जौ अर्पित करने से वातावरण शुद्ध होता है और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।
वैदिक अनुष्ठानों में जौ का उपयोग सुख, शांति और धन की प्राप्ति के लिए किया जाता है। यह भगवान विष्णु को भी बहुत प्रिय है।
इसे अन्नपूर्णा माता का प्रतीक मानकर पूजा जाता है, ताकि घर में कभी भी अन्न की कमी न हो।
जौ (Jau) – 90 gm
₹10.00
पूजा में ‘जौ’ (Barley) का विशेष महत्व है, विशेषकर नवरात्रों में। जौ (Jau)
हिंदू धर्म में ‘जौ’ को ‘सुवर्ण’ (सोने) के समान मूल्यवान और पवित्र माना गया है।
| weight | 90 gm |
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